“भागवत ने कहा, संघ समाज को संगठित कर देश का नाम ऊंचा करता है, सत्ता लक्ष्य नहीं”

“भागवत ने कहा, संघ समाज को संगठित कर देश का नाम ऊंचा करता है, सत्ता लक्ष्य नहीं”

Bhagwat said

Bhagwat said, the Sangh raises the name of the country by organizing the society

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि संघ का उद्देश्य राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करना और व्यक्तियों के चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण को मजबूत करना है. उन्होंने यह बात मेरठ के शताब्दी नगर स्थित माधव कुंज में देश-विदेश के लगभग 950 खिलाड़ियों से संवाद के दौरान कही.

भागवत ने स्पष्ट कहा कि संघ का काम अपना नाम बड़ा करना नहीं, बल्कि देश का नाम ऊंचा करना है. उन्होंने दोहराया कि संघ किसी सत्ता, स्पर्धा या विरोध की भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि उसका मूल उद्देश्य समस्त हिंदू समाज का संगठन और व्यक्ति निर्माण है.

करीब 50 मिनट के संबोधन में भागवत ने संघ की लगभग 100 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. प्रतिभागियों के अनुसार उन्होंने स्पष्ट कहा कि संघ किसी समूह के विरोध या प्रतिस्पर्धा में कार्य नहीं करता, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.